Saturday, 9 July 2016

१६६ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



सभी आगंतुकों का स्वागत करती रूपसी बाला मेरी मधुशाला
सुख दुःख का भेद यहाँ आके भुलाता पीने वाला मादक हाला
राजा रंक में कोई भेद नहीं करती रूपसी सुरबाला मेरी मधुशाला
दिलों का दर्द यहाँ आके भुलाते दिल खोल के पीते अमृतसम हाला  

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव