Friday, 15 July 2016

करिश्मा रब दा नायाब और आला है

दिल करता है कोई मादक करिश्माई गजल लिखूँ
करिश्माई जन्नत सी हूर नीलकमल लिखूँ
चँदा की चाँदनी लिखूँ
तेरी करिश्माई मोहब्बत मेरे यार लिखूँ
रम्भा की खुबसूरती लिखूँ
तेरा करिश्माई एतबार मेरे यार लिखूँ
तेरे आगोश में महकती मोहब्बत का करिश्मा लिखूँ
तेरी जुल्फों के शाये में महकता करिश्माई प्यार लिखूँ

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव