२७० - मेरी आधुनिक मधुशाला
जुम्मा जुम्मा आठ दिन पिलाके अमृतसम हाला झूम उठी बाला
चप्पा चप्पा झूम उठा कुहुक उठी कोयलिया उपवन मेरी मधुशाला
वहीं अनुपम अदाये सदियों से आज तलक कायम मादक हाला
मेरी मधुशाला जिस्म है मादक रूह उसकी जन्नते हूर सुरबाला
जुम्मा जुम्मा आठ दिन पिलाके अमृतसम हाला झूम उठी बाला
चप्पा चप्पा झूम उठा कुहुक उठी कोयलिया उपवन मेरी मधुशाला
वहीं अनुपम अदाये सदियों से आज तलक कायम मादक हाला
मेरी मधुशाला जिस्म है मादक रूह उसकी जन्नते हूर सुरबाला
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