Thursday, 14 July 2016

२१३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


 
सुनामी से निकले दमकते अल्फ़ाज़ों की आज बना लाया हाला
आज पिलाऊँगा तुझको दिव्य आलौकिक अमृतसम हाला
हाला पीके याद आयेगा तुझको पिछला जनम मेरे गोपाला
और याद आयेगा तुझको बिसरा हरेक लम्हा मेरी मधुशाला 

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव