Sunday, 24 July 2016

२९० - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



तेरे मयखाने में शुकून दिल को आता है पीके तेरे लबो से छलकती हाला 
मैं परदेशी अंजान डगर नित सरेशाम आ जाता हुँ मेरी आधुनिक मधुशाला 
बस यही ख्वाहिशें दिल है रूपसी  इतनी पिला मुझे की होश में न आउ बाला 
गेम दिलो को भुलाने के लिए मई परदेशी रोज़ ही आता मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव