Sunday, 24 July 2016

२८९ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


मेरी मोहब्बत मेरी वफाओं का तमाशा बना दिया तेरे मयखाने में 
ये क्या किया तूने सरेशाम अपनी नज़र से गिर दिया पैमाने में 
तेरे तीरे नज़र ने आज क़त्ल सरेशाम कर दिया तेरे मयखाने में 
मेरी तो जान पे बन आई आज परदेशी अनजान आ पहुँचा तेरे मयखाने में 


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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव