Wednesday, 6 July 2016

१३२ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


 तेरे जिस्म की खुशबु महक जैसे मादक सागरमय हाला
तेरी हिरणी की मादक आँखे यु लगती जैसे मेरी मधुशाला
तेरे मादक लबो से लबों से अविरल टप टप टप टपकती
अमृतसम सागरमय रूपसी बाला मेरी आधुनिक मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव