Sunday, 10 July 2016

१९१ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



मोहब्बत में बे-वफाई मादक हाला का सबब बन जाती है
बे वफ़ा महबूब को भुलाने में रूपसी की हाला काम आती है
जितना पीता हू सागरमय उतना ही याद उसकी तड़पाती है
मेरी आधुनिक मधुशाला के चौबारे आकर यारों शुकुन पाती है 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव