साकी मेरी मधुशाला में तेरे पैमाने में करार दिल को आता है
तेरी सागरमय मादक हाला पीके परदेशी खुद को भुलाता है
जमाने की रुसवाइयों से परे जन्नत का शुकुन परदेशी पाता है
अमृतसम सागरमय हाला पीके झूमता है मचलता है गाता है
तेरी सागरमय मादक हाला पीके परदेशी खुद को भुलाता है
जमाने की रुसवाइयों से परे जन्नत का शुकुन परदेशी पाता है
अमृतसम सागरमय हाला पीके झूमता है मचलता है गाता है
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