Thursday, 14 July 2016

२१५ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


मेरी अंतिम यात्रा में आने वालो को यारो पहले पिलाना हाला
जब पीके कदम डगमगाने लगे तब कन्धा मुझको देना आला
मेरी समाधी के चौबारे तुम एक अदद बनवाना मेरी मधुशाला
रूह मेरी झूम उठेगी पाकर फ़िज़ा महकती सागरमय हाला  

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव