Thursday, 14 July 2016

२१६- मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



बाद मौत के मेरी यारों कभी ना अश्क तुम आँखों में लाना
चौराहे श्रृद्धांजली सभा तुम करना हाला पीना ख़ुशी मनाना
कभी न भूले से अश्क गिराना मुझे याद करना और याद आना
मेरी रूह सदा साथ तुम्हारे रहेगी भूले से भी मुझे ना भुलाना 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव