Thursday, 14 July 2016

२१७- मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



मेरी याद में सागरमय के दिए जलाना ख़ुशी मनाना मेरी मधुशाला
वादा करता हू ख्वाबों में सबके आऊँगा कभी न तुम मुझे भुलाना
सहराओं में मृगमरीचिका सा जीवन बहुत कठिन होता है यारों
सहराओं की भुलाके उषणता बाला की सागरमय पीके खुश हो जाना  

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव