Tuesday, 5 July 2016

१२६ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



जैसी तुम चाहो तुमको मिलेगी सागरमय मादक हाला
साकी जन्नते हूर से सुन्दर कमसिन अल्हड  सुरबाला
सागरमय मादक हाला का स्वाद अमृत से भी निराला
पी के तन मन मस्ती में झूम उठते झूमती मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव