Wednesday, 13 July 2016

मोहब्बत का उपवन ८

मेरी जिन्दगानी है तू
मेरी मोहब्बत की कहानी है
मेरी जुबानी है
मेरे सपनों की रानी है
तेरी जिन्दगी अमानत है
मेरी मोहब्बत की
सहेज कर इसे रखियों मेरे यार
तू ही मेरी पहली मोहब्बत
तू मेरा पहला प्यार

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव