Sunday, 24 July 2016

२८४ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


सावन के सुहाने मौसम में करार दिल को आता है पीकर तेरी मादक हाला 
परदेशी के दिल को चेन आता है सनम आकर  तेरे आधुनिक मयखाने में 
मदहोश शाम मदमस्त शाम मेघो का मोहब्बत में झुकना मेरे मयखाने पे 
लहराती बल खाती मस्त हवा जब मधुशाला से गुज़री चुनरी उड़ाई बाला की 
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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव