Sunday, 17 July 2016

२३८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



जिससे तुम पूछोगे डगर वह छोड़ तुम्हें आयेगा मेरी मधुशाला
अपने कोमल कर तुम्हें जी भरके पिलाएगी हाला रूपसी बाला
परदेशी के दिल को लुभाती कमसिन अल्हड विश्वमोहिनी बाला
संगीत की स्वर लाहिरी पे थिरकती मेरे दिल की धड़कन सुरबाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव