मेरे प्याले में जाने कब से ठुमक रही अमृतसम मादक हाला
जुबां लालायित कबसे यारों चखने को स्वाद अनुपम निराला
हाला की मादक मौजे जब प्याले के साहिल से यारों टकराती
यकीन कृतक अंजान का मानों दिल में सूनामी भूचाल है लाती
जुबां लालायित कबसे यारों चखने को स्वाद अनुपम निराला
हाला की मादक मौजे जब प्याले के साहिल से यारों टकराती
यकीन कृतक अंजान का मानों दिल में सूनामी भूचाल है लाती
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