Tuesday, 19 July 2016

२६२ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



मेरी पसन्द की हाला मैं सदा ही पाता मेरी आधुनिक मधुशाला
मेरी पसन्द के कंचन प्याले में पीता अमृतसम मादक हाला
साकी बाला की मोहब्बत मैं पाता नित सांझ ढले मेरी मधुशाला
कृतक अंजान से यारी मेरी नित समीप बैठके पीता हाला

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव