Monday, 4 July 2016

१२३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ





सदियों से हरेक जनम में मेरी मोहब्बत मेरी मधुशाला
मेरा जीवन रूपसी बाला के लबों  से छलकती मादक हाला
जनम जनम से याद मुझे है दिव्य अनुपम मादक प्याला
कभी न बिसरा पायूँगा कृतक अंजान डगर मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव