२७६ - मेरी आधुनिक मधुशाला
मान अपमान से रिश्ता तोड़ दिया सारे जहाँ से मुख मैंने मोड़ लिया
जब हुई यारी अपनी मेरी आधुनिक मधुशाला और मोहिनी सुरबाला
बाला की सागरमय हाला से रिश्ता जोड़ लिया बना जिंदगी मेरी प्याला
अब मेरी मंदिर मस्जिद मेरी आधुनिक मधुशाला और अनुपम प्याला
मान अपमान से रिश्ता तोड़ दिया सारे जहाँ से मुख मैंने मोड़ लिया
जब हुई यारी अपनी मेरी आधुनिक मधुशाला और मोहिनी सुरबाला
बाला की सागरमय हाला से रिश्ता जोड़ लिया बना जिंदगी मेरी प्याला
अब मेरी मंदिर मस्जिद मेरी आधुनिक मधुशाला और अनुपम प्याला
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