Thursday, 7 July 2016

१५५ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



हिन्दी साहित्य के सभी अल्फाज़ो पर सामान अधिकार हमारा है
अमृत सागर की मादक मौज़ों और साहिल का नूर हमारा है
मेरी मधुशाला की रूह रूपसी बाला का सागरमय प्यारा हमारा है
जिन्दगी का सबब मेरी मोहब्बत सागरमय हाला प्यार हमारा है 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव