Thursday, 7 July 2016

१५४ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


मेरे मुकददर की जिद है हाला और मेरी आधुनिक मधुशाला
एक जाम जो पहुँचा मुझ तक उठा कर दिल से लगाया हमने
बाला की मादक हाला बनी मुकददर जीना हमको सीखा दिया
हाला  ने जहां के लोगों का दुःख हरके जीना उनको सिखा दिया 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव