Saturday, 9 July 2016

१७३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



मेरे आहार का अनिवार्य अंग बन गई अमृतसम मादक हाला
बगैर हाला के अंदर अब नहीं है जाता कोई अकेला निवाला
बगैर प्याले के अब ना चलेगा जीवन मेरा हर घडी चाहिए हाला
मादक हाला बिन सोचना मुश्किल मेरी सोच बना अनुपम प्याला 

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव