Sunday, 10 July 2016

१९३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



तेरी याद सताती है पीने के बाद रूपसी बाला की अनुपम हाला
बहुत तड़पाती है तनहाइयों में यादें तेरी पीके सागरमय हाला
शुन नहीं मिलता दिल को आने के बे-वफा सनम तुम्हारी याद
दिल शुकुन है पाता अंजान डगर जब मैं आता मेरी मधुशाला

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव