Saturday, 23 July 2016

२७७ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

जन्नते हूर साकी बाला मेरी मधुशाला से मोहब्बत की मैंने
कृतक अंजान डगर मनोहर की हिदायत से बगावत की मैंने
मेरी मधुशाला की साकी बाला की हाला ने हिला रखी दुनियाँ
हरेक गमज़दा मेरी मधुशाला में आके चैनों अमन पाता है


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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव