२६ - मेरी आधुनिक मधुशाला
नहीं कभी विश्वास मैं करता आने वाले कल पर जो अब तलाक न आया
ना ही कभी कल आया ना ही कभी आयेगा परदेशी हाला से प्यास बुझायेगा
आज हाथ में अनुपम प्याला जाने कल होगा न होगा प्याला मेरी मधुशाला
कल और काल की यारी अनुपम किसने कल देखा यारो मेरी मधुशाला
नहीं कभी विश्वास मैं करता आने वाले कल पर जो अब तलाक न आया
ना ही कभी कल आया ना ही कभी आयेगा परदेशी हाला से प्यास बुझायेगा
आज हाथ में अनुपम प्याला जाने कल होगा न होगा प्याला मेरी मधुशाला
कल और काल की यारी अनुपम किसने कल देखा यारो मेरी मधुशाला
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