Saturday, 9 July 2016

१६८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

२६ - मेरी आधुनिक मधुशाला

नहीं कभी विश्वास मैं करता आने वाले कल पर जो अब तलाक न आया
ना ही कभी कल आया ना ही कभी आयेगा परदेशी हाला से प्यास बुझायेगा
आज हाथ में अनुपम प्याला जाने कल होगा न होगा प्याला मेरी मधुशाला
कल और काल की यारी अनुपम किसने कल देखा यारो मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव