तेरी नज़रो से टप टप टपकती सागरमय पीने मेरी मधुशाला आया
परदेशी अनजान डगर मनोहर दीदारे यार की खातिर मदिना आया
तुझसे मोहब्बत भी नशा के ए सागरमय से कम नहीं यार होती है
जब तेरा दीदार होता है सहराओं में जिंदगी गुलज़ार मेरे यार होती है
परदेशी अनजान डगर मनोहर दीदारे यार की खातिर मदिना आया
तुझसे मोहब्बत भी नशा के ए सागरमय से कम नहीं यार होती है
जब तेरा दीदार होता है सहराओं में जिंदगी गुलज़ार मेरे यार होती है
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