Monday, 25 July 2016

२९३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

मेरी आधुनिक मधुशाला की हाला के सैलाभ  में तैरता मैं आऊँगा
सारे ज़माने को सुरबाला की खातिर सरेशाम मेरे रब मई भुलाऊँगा
फ़कीर की कश्ती के मानिंद अमृतसम मादक हाला में तैर जाउँगा
अपनी जिन्दगानी को मादक हाला पीकर मेरी मधुशाला में बिताउँगा 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव