जब कभी मयखाना बंद यार होगा तेरी नज़रो से पी लेंगे हाला
मेरे आधुनिक मयखाने को ज़माने में कोई बंद न करने पायेगा
जो कोई कोशिश भी करेगा सागरमय पीके जश्न मधुशाला में मनायेगा
साकी की मादक हाला पीके वो काफ़िर होशो हवास अपने गवायेगा
मेरे आधुनिक मयखाने को ज़माने में कोई बंद न करने पायेगा
जो कोई कोशिश भी करेगा सागरमय पीके जश्न मधुशाला में मनायेगा
साकी की मादक हाला पीके वो काफ़िर होशो हवास अपने गवायेगा
No comments:
Post a Comment