Monday, 1 August 2016

319 - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

तेरे लबो पर मुस्कान मनोहर और लरज़ती मादक हाला
मेरी जिव्या पर तेरा नाम मोहब्बत और टपकती हाला
मेरी यही ख्वाहिश आखिरी मेघों से बरसे अविरल हाला
और सागरमय की सुनामी पे आबाद हो मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव