रब दा पाक दर है होता मंदिर मस्जिद और मदिराला
जाति पाती के भेद मिटाती मेरी आधुनिक मधुशाला
एक ही पैमाना है होता सभी प्यार से पीते मादक हाला
नहीं कोई जाति धर्म ही पूछता साथ बैठ के पीते हाला
जाति पाती के भेद मिटाती मेरी आधुनिक मधुशाला
एक ही पैमाना है होता सभी प्यार से पीते मादक हाला
नहीं कोई जाति धर्म ही पूछता साथ बैठ के पीते हाला
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