मृदु मिट्टी के अनुपम पैमानों में महक उठती सागरमय हाला
दिल का उपवन महकने लगता पीकर सागरमय अनुपम हाला
दिल की कली केशर सी खिल जाती आ के आधुनिक मधुशाला
मेरी जिन्दगी सागरमय अनुपम प्यार मेरा कमसिन सुरबाला
दिल का उपवन महकने लगता पीकर सागरमय अनुपम हाला
दिल की कली केशर सी खिल जाती आ के आधुनिक मधुशाला
मेरी जिन्दगी सागरमय अनुपम प्यार मेरा कमसिन सुरबाला
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