मृदु मिट्टी के घटो में उबलती महुये की मादक अनुपम हाला
अग्नि की तपिस में महुये की मादक महक ने समा बदल डाला
झूमी फ़िज़ा झूमी कायनात झूमने लगी मेरी आधुनिक मधुशाला
झूमने लगे कृतक मनोहर अनजान डगर और रूपसी सुरबाला
अग्नि की तपिस में महुये की मादक महक ने समा बदल डाला
झूमी फ़िज़ा झूमी कायनात झूमने लगी मेरी आधुनिक मधुशाला
झूमने लगे कृतक मनोहर अनजान डगर और रूपसी सुरबाला
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