Wednesday, 17 August 2016

३५२ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

शान से आता हूँ मैं परदेशी तेरे मयखाने में
थाम लेता हूँ मचलती हुई हाला पैमाने में
मादक हाला की महक से करार आता है
उदर में जाती है करार रूह को आता है
झूमने लगाती है रूह मचलता है जिस्म
तेरे मादक लबो से पीकर सागरमय हाला
 अनजान डगर से रोज़ ही आता है
परदेशी मेरी आधुनिक मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव