दिल मचलता है ज़माने के फसानो से
करार दिल को आता है सनम तेरे मयखाने में
झूमता गाता दिल चैनोकरार पाता है
जब अनजान डगर से चलके तेरे मयखाने में आता है
पैमाने में मचलते मय का दीदार जब होता है
जन्नत का सा शुकू कृतक यार पाता है
सजती है महफ़िल रोज़ मेरी मधुशाला में
थिरकती है रूपसी और मचलती है हाला पैमाने में
करार दिल को आता है सनम तेरे मयखाने में
झूमता गाता दिल चैनोकरार पाता है
जब अनजान डगर से चलके तेरे मयखाने में आता है
पैमाने में मचलते मय का दीदार जब होता है
जन्नत का सा शुकू कृतक यार पाता है
सजती है महफ़िल रोज़ मेरी मधुशाला में
थिरकती है रूपसी और मचलती है हाला पैमाने में
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