Monday, 8 August 2016

३४५ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

कमसिन रूपसी की मोहब्बत ने दीवाना मुझको बनाया है
हुस्न का जादू चला के तन मन पे कब्ज़ा मोहिनी ने जमाया है
बाद मुद्दत के राजे मोहब्बत समझ में मेरी आज यार आया है
मेरी मधुशाला की सागरमय ने दिलों पे कब्ज़ा जमाया है 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव