सावन की दमकती काली घटाओं में हाला का शुरुर रंग लाता है
रिमझिम सावन की मादक फुहारों में बाला का हुस्न गज़ब ढाता है
मयखानों में पैमानों में मचलती हाला दिलों में हलचल मचाती है
संगीत की मादक स्वर लहिरी पे थिरकती बाला क़यामत ढाती है
रिमझिम सावन की मादक फुहारों में बाला का हुस्न गज़ब ढाता है
मयखानों में पैमानों में मचलती हाला दिलों में हलचल मचाती है
संगीत की मादक स्वर लहिरी पे थिरकती बाला क़यामत ढाती है
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