अच्छे अच्छो को गिरते देखा मैंने चौबारे मेरी मधुशाला
राजा रंक सभी लोट लगाते पी अमृतसम सोमरस हाला
अपने अपनो को हाथ थामकर उठाते दिल से यार लगाते
अपने अपनो का और गैरो का भेद मेरी मधुशाला मिटाते
राजा रंक सभी लोट लगाते पी अमृतसम सोमरस हाला
अपने अपनो को हाथ थामकर उठाते दिल से यार लगाते
अपने अपनो का और गैरो का भेद मेरी मधुशाला मिटाते
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