Wednesday, 3 August 2016

३३८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

सर्व सुलभ आसानी से अब सबको घर घर मिलती महुये की हाला
मधुशाला द्वारे खड़ी बाट जोहती कमसिन रूपसी विश्वमोहिनी बाला
कभी कभी यौवन रस हाला को तड़पता अंजान डगर परदेशी मतवाला
मेरी मधुशाला का की डगर आ ने को तड़पता नवयुवक मतवाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव