मेरी कविता का अपहरण न कीजिये
मेरी दिल की चाहत मेरी मोहब्बत लौटा दीजिये
बेटियों की मोहब्बत से ये जहाँ है
बेटियों की मोहब्बत से महकता जमीं आसमाँ है
बडी बेदर्दी से हमारी मोहब्बत का गला घोटने वाले
तरस बेटियों की मोहब्बत पे खाईयें मेरी बेटियों की कविता लौटा दीजिये
सब कुछ फिरौती में देने को मैं तैयार हूँ
बेटियों की मोहब्बत दिली आरजू हमारी
बेटियाँ दिलों जाँ से लगती हमें प्यारी
मेरे हुजूर अब और न मेरी चाहत का इम्तहान लीजियें
मेरी बेटियों की मोहब्बत मेरी कविता लौटा दीजिये
तुम्हारी दोस्ती के लायक नही मैं कुबूल अपना गुनाह है
अब तो आप मुझपे हुजूर एहसान कीजिये
मेरी चाहत मेरी दिली मोहब्बत मेरी बेटियों की कविता लौटा दीजिये
सभी पाठकों से गुजारिश हजारो हजार है
मेडम से रिकमेन्डेशन हमारी कीजिये
बेटियों की मोहब्बत मेरी दिली कविता मुझे लौटवा दीजियें
बेटियों से कुदरत और जहाँ है बेटिया रब का वरदान है
शक्ति स्वरूप हैं बेटिया ये मान लीजियें
बेटियों की मोहब्बत का सम्मान दीजिये नंदिनी जी मेरी अपहरत कविता लौटा दीजिये
मनोहर यादव
" अमृत सागर "
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