कभी मोहब्बत है जिन्दगी है
कभी तनहाईयों का भवंडर है
बसंत की मादक बयार है
कभी सावन की फुहार है जिन्दगी
रब की अरदास है कभी
स्वाँती नकछ्त्र की बूँद है जिन्दगी
मेरी महबूब है कभी
प्यार का एहसास है जिन्दगी
शेफाली की मादक महक
कभी शबनमी मोतियों की बयार है जिन्दगी
पुनम की शबनमी चाँदनी रात है
कभी चाँदनी का एतबार है जिन्दगी
रब की इबादत है जिन्दगी
मोहब्बत भरा गीत है जिन्दगी
सप्त रंगी संगीत है
बसंती बयार है जिन्दगी
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Friday, 2 September 2016
प्यार का नगमा है जिन्दगी
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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