Friday, 2 September 2016

प्यार का नगमा है जिन्दगी

कभी मोहब्बत है जिन्दगी है
कभी तनहाईयों का भवंडर है
बसंत की मादक बयार है
कभी सावन की फुहार है जिन्दगी
रब की अरदास है कभी
स्वाँती नकछ्त्र की बूँद है जिन्दगी
मेरी महबूब है कभी
प्यार का एहसास है जिन्दगी
शेफाली की मादक महक
कभी शबनमी मोतियों की बयार है जिन्दगी
पुनम की शबनमी चाँदनी रात है
कभी चाँदनी का एतबार है जिन्दगी
रब की इबादत है जिन्दगी
मोहब्बत भरा गीत है जिन्दगी
सप्त रंगी संगीत है
बसंती बयार है जिन्दगी

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव