Saturday, 3 September 2016

दर्दे दिल का एहसास


दर्दे दिल का एहसास
दिल को है हमारे
धडकते दिल की हरेक
धडकन मनमीत पुकारे
आजा रे परदेशी
आजा रे परदेशी

तेरी मोहब्बत में
तडपत है निसदिन नैन हमारे
चेन गवाँई
दिन रेन पिया प्यारे
आजा रे परदेशी
आदा रे परदेशी

एक तेरी मोहब्बत की खातिर
हम ने सनम खुद की पहचान गवाँई
अंजान हुये जग में
हुई चहु ओर हसाँई
दुनिया तेरी मोहब्बत मे भुलाई
लाज शरम त्याग आज डगर पे आई
अपने सैलाभे अश्क से गुहार लगाई
जाने तांडव करो सहराओ मे भाई
न तेरी मोहब्बत मे अब अश्क बहाउ
जमाने से यारी कर पृीत भुलाउँ                         

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव