मेरे दिल के उपवन को मेरे महबूब ने समझके मेरी मधुशाला
कलियों को शबनमी हाला और फूलों को पैमाना बना डाला
कृतक अंजान तो दीवाना इ रूपसी सुरबाला सदियों से है यार
मेरे महबूब के मादक गेसुओं ने दीवाना हमें अपना बना डाला
कलियों को शबनमी हाला और फूलों को पैमाना बना डाला
कृतक अंजान तो दीवाना इ रूपसी सुरबाला सदियों से है यार
मेरे महबूब के मादक गेसुओं ने दीवाना हमें अपना बना डाला
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