भला कुछ तो बात है मेरे महबूबे मोहब्बत में मेरे यारों
दीवाना कृतक अंजान हुआ पीकर उसकी शबनमी हाला
सारे जमाने के रिश्तो भुलाकर रूपसी को दिल में बसाया
मेरी मधुशाला को जहन में बसाकर सबको मेरे यार भुलाया
दीवाना कृतक अंजान हुआ पीकर उसकी शबनमी हाला
सारे जमाने के रिश्तो भुलाकर रूपसी को दिल में बसाया
मेरी मधुशाला को जहन में बसाकर सबको मेरे यार भुलाया
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