तुमसे नित नई उम्मीद मिलती है
हरेक नये दिन के साथ
खवाबो में नये तोहफे मई रोज़ पाता हूँ
जवाँ हसीं रातों के दामन में
शबनमी मोतियों की चादर पे
महबूबे मोहब्बत का बेपनाह प्यार पाता हूँ
जवाँ निशा की बाहों में
मरमरी जिस्म की मादक महक
हुस्न की मलिका की
बेपनाह मोहब्बत पूनम की रात पाता हूँ
शबनमी मोतियों की चादर पे
सुनहरे ख्वाब दिल के हक़ीक़त में पाता हूँ
मनोहर यादव
" अमृत सागर "
हरेक नये दिन के साथ
खवाबो में नये तोहफे मई रोज़ पाता हूँ
जवाँ हसीं रातों के दामन में
शबनमी मोतियों की चादर पे
महबूबे मोहब्बत का बेपनाह प्यार पाता हूँ
जवाँ निशा की बाहों में
मरमरी जिस्म की मादक महक
हुस्न की मलिका की
बेपनाह मोहब्बत पूनम की रात पाता हूँ
शबनमी मोतियों की चादर पे
सुनहरे ख्वाब दिल के हक़ीक़त में पाता हूँ
मनोहर यादव
" अमृत सागर "
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