Tuesday, 27 September 2016

दुसरी औरत ( रखैल ) २

पहली मोहब्बत है वो
पहला पहला प्यार
दिली आरजू है वो
दिली एतबार
जाँ से ज्यादा करती है मोहब्बत
करती है एतबार
मोहब्बत है जहाँ उसका
मोहब्बत परवरदिगार
मोहब्बत उपवन है जिन्दगी का
मोहब्बत जिन्दगी का एतबार
मेहबूब ही जिन्दगी का उपवन
महबूब ही उसका सिंगार
जाँ निछावर महबूब पे
जमाने की लाज रख ताक पर
महबूब की महक उसका सिंगार
महबूब की आवाज जिन्दगी उसकी
महबूब का अहसास उसका प्यार
हरेक पल महबूब की महक उसका दुलार
महबूब उसकी दिली धडकन
महबूब दिल का शालीमार
महबूब सैलाभे मोहब्बत
अश्क भी मोहब्बते महबूब
खुशियों का परचम महकता प्यार
गीत महबूब गजल महबूब
महबूब पूनम की शबनमी चाँदनी
महबूब महकती खुश्बुओ का दुलार
मजहब मोहब्बत इष्क उसका सोलह सिंगार
जिन्दगी मोहब्बत का एतबार
जिन्दगी महबूब का महकता प्यार

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