Wednesday, 23 November 2016

जिन्दगी रब की इनायत है महबूबे मोहब्बत का एतबार है

हरेक सवाल का जवाब है जिन्दगी
फरिश्ते भी तरसते हैं वो माहताब है जिन्दगी
जिन्दगी जिंदादिली का नाम है
जिन्दगी मोहब्बत भरा शबनमी पैगाम है
रब की इनायत है जिन्दगी
रब का दुलार है
मोहब्बत का आईना है जिन्दगी
दिल का एतबार है
रब का नूरे रूखसार है जिन्दगी
महबूबे मोहब्बत का महकता शबनमी प्यार है जिन्दगी
जिन्दगी संघर्ष है
कभी एतबार है जिन्दगी
शेफाली की मादक महक
चंदा की चाँदनी के शबनमी मोतियों का दुलार है जिन्दगी

मनोहर यादव "अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव