सब कुछ हो तुम मेरी मोहब्बत मेरी जिन्दगी
रब की कायनात और मेरी ये जिंद तुम्ही से है
चंदा की शबनमी चाँदनी का अनमोल मोती हो तुम
या शेफाली की मादक महक से महकती फिजा मेरे हुजूर
दरिया ए के आशियाने का चमकता मोती हो तुम
या सागर में दमकती खुबसूरत और लाजवाब हंसिनी
तनहाईयाँ भी महकने लगती है तुम्हारी यादों के तसव्वुर में
ख्वाबगाह महकने लगती है तुम्हारी मादक महक से हुजूर
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