मोहब्बत
उनकी मोहब्बत मे जमाने से बेखबर हो गये
ऐसी लगाई लगन की दीवानगी से मगन हो गये
ऐसी लगाई लगन की दीवानगी से मगन हो गये
महकती है कायनातों फिजा मोहब्बत की महक से
आशियाना ए दिल में रोज ही तेरा दीदार करता हूँ
आशियाना ए दिल में रोज ही तेरा दीदार करता हूँ
तेरे आसपास होने के भान से करार दिल को आता है
तेरी मोहब्बत की मादक महक सबब ए जिन्दगी बन जाता है
तेरी मोहब्बत की मादक महक सबब ए जिन्दगी बन जाता है
झिलमिलाते सितारों को देख दिल को लगता है
मेरा महबूब कोटी नयनों से दीदारे यार कर रहा है
मेरा महबूब कोटी नयनों से दीदारे यार कर रहा है
तेरी मोहब्बत ने कुछ ऐसा जादू किया है
हमने ये जिन्दगी तेरी मोहब्बत के नाम लिख दी
हमने ये जिन्दगी तेरी मोहब्बत के नाम लिख दी
मनोहर यादव " अमृत सागर "
No comments:
Post a Comment