अब भी आशियाना ए दिल आबाद है तुम्हारी हँसी यादों से !
ता कयामत तेरे इन्तजार में जिन्दगी गुजार देंगें हम ए सनम !
बचपन गुँजरा बीता यौवन तेरे ही शबनमी मादक ख्यालों में !
तनहाईयों में ख्वाबगाह सदा ही आबाद रही तुम्हारी मखमली यादों में !
ता कयामत तेरे इन्तजार में जिन्दगी गुजार देंगें हम ए सनम !
बचपन गुँजरा बीता यौवन तेरे ही शबनमी मादक ख्यालों में !
तनहाईयों में ख्वाबगाह सदा ही आबाद रही तुम्हारी मखमली यादों में !
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